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वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल Last Updated Date : 18 May 2016

वृद्धावस्था देखभाल के बारे में संक्षिप्त प्रस्तावना

जरण (उम्रवृद्धि) जीवन की अनिवार्य प्रक्रिया है। वैश्विक जनसंख्या जरण जनसांख्यिकी रूपांतरण का एक सह-उत्पाद है जिसमें मृत्युदर और प्रजनन क्षमता दोनों उपर से नीचे के स्तर की ओर बढ़ती है। किसी देश में वृद्ध लोगों की जनसंख्या में अचानक वृद्धि होने से मानव समाज के समक्ष अनेक चुनौतियां उत्पन्न हो जाती हैं। जरण का विषय कल्याण के विचार-क्षेत्र से बाहर निकल चुका है और इसे अब विकासोन्मुख चुनौती के रूप में देखे जाने की आवश्यकता है। फिलहाल भारत में इस समय 55-64 उम्र के आयु समूह में 6.9% लोग हैं तथा 65 और उसमें अधिक के आयु वर्ग में 5.7% संख्या वृद्धजनों की है (2001 की जनगणना के अनुसार)। कुल मिलाकर देश की जनसंख्या में वृद्ध जनों का प्रतिशत 8.6% है जबकि 2001 की जनगणना में यह प्रतिशत 7.4%था। अत: भारत जनसांख्यिकीय रूपांतरण का सामना कर रहा है जो व्यापक तौर पर व्यक्तियों, परिवारों, समुदाय, समाज और राष्ट्र पर प्रभाव डालेगी।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त निकाय के रूप में कार्यरत राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान लगभग एक दशक से वृद्ध व्यक्तियों की देखभाल करने सहित समाज रक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करने में सक्रिय तौर पर शामिल रहा है। संस्थान वृद्धावस्था देखभाल प्रभाग के तहत कार्यक्रमों/सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की एक श्रृंखला संचालित करता है। इन कार्यक्रमों/सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों के उद्देश्य निम्नानुसार हैं :-

  • वृद्ध व्यक्तियों के कल्याण और देखभाल के लिए पेशेवर लोगों का एक संवर्ग तैयार करना।
  • जरा चिकित्सा देखभाल से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर एक व्यापक और वैज्ञानिक ज्ञान आधार उपलब्ध कराना।
  • वृद्ध व्यक्तियों के कल्याण के लिए परिवारों और समुदायों में हस्तक्षेप केन्द्रित कुशल जनशक्ति तैयार करना।
  • कार्यक्रम विकास और प्रबंधन पर ध्यान केन्द्रित करते हुए वृद्ध व्यक्तियों की देखभाल का उचित प्रबंधन करने के लिए प्रौद्योगिकी/हस्तक्षेप के संबंध में विद्यार्थियों को प्रेरित करना।
  • वृद्ध व्यक्तियों की देखभाल के लिए सहायक प्रणाली और नेटवर्किंग की पहचान करना और उसे बढ़ावा देना।
  • स्थानीय और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर सरकारी/गैर-सरकारी क्षेत्रों की सेवाओं को अभिसरित बनाने में सुविधा देना।

एनआईएसडी/सहभागी संगठनों द्वारा संचालित किए जा रहे दीर्घावधिक, अल्पावधिक और थीम विषयक पाठ्यक्रम इस प्रकार हैं:-

1. एकीकृत वृद्धावस्था सेवा में परास्नातक डिप्लोमा

2. जरा चिकित्सा सेवा में सर्टिफिकेट कोर्स