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अनुसंधान और दस्तावेज़ Last Updated Date : 03 Feb 2015

अनुसंधान और प्रलेखीकरण किसी कार्यक्रम का प्रमुख तत्व है जो साक्ष्य आधारित नीतिगत हस्तक्षेप का अधिदेश देता है और वैज्ञानिक तरीकों और यंत्रों का उपयोग करके क्षेत्र से जुटाए गए अभिनिर्धारित सामाजिक समस्याओं अथवा मुद्दों के संबंध में आंकड़े और सूचना प्रदान करता है।  शोध निष्कर्षों से एकत्र आंकड़े और सूचनाएं नीतियां और कार्यक्रम तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण इनपुट के रूप में कार्य करते हैं। इस प्रकार के निष्कर्षों को नीति निर्धारकों, कार्यक्रम कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ-साथ उत्तरवर्ती शोध कार्यों के लिए शोध विद्यार्थियों के सुलभ उपयोग हेतु अभिगम्य फार्मेट में प्रलेखित किए जाने की आवश्यकता होती है। 

एनआईएसडी भिक्षावृत्ति निवारण, बाल सरंक्षण आदि सहित मादक दुरुपयोग निवारण, वृद्धावस्था देखभाल और अन्य समाज रक्षा मुद्दों के क्षेत्र में शोध कार्य करने के लिए समाज रक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे विश्वविद्यालयों/संस्थाओं/संगठनों के सहयोग से कार्य कर रहा है।

प्रतिष्ठित एजेंसियों और संस्थाओं द्वारा शोध परियोजनाओं को पूरा करने के लिए शोध दिशा-निर्देश इसके साथ संलग्न हैं :-

पुस्तकालय

इस संस्थान में पत्रिकाओं, लेखों और शब्दावलियों के अलावा लगभग 15000 पुस्तकों और दस्तावेजों वाला एक परिपूर्ण पुस्तकालय है। इसके व्यापक विषय क्षेत्र बाल अधिकार, बाल कल्याण और बाल संरक्षण, बाल अपराध न्याय, जरण/वृद्धावस्था देखभाल और मादक द्रव्य दुरुपयोग निवारण हैं। अन्य विषयों में अपराधी प्रक्रिया संहिता, भारतीय दण्ड संहिता, अपराधी कानून, अपराध और पुलिस, अपराध विज्ञान, परीविक्षा, बाल अपराध चूक, कारागार मैनुअल, कारागार कल्याण और सुधार, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, सामाजिक कार्य, मादक द्रव्य और एड्स, मादक द्रव्य दुरुपयोग और तस्करी, मादक द्रव्य दुरुपयोग और इसके परिणाम और बाल विकास हैं। पुस्तकें हिन्दी और अंग्रेजी दोनो भाषाओं में उपलब्ध हैं। इसके अलावा कुछ किताबें प्रशासनिक नियमों, संदर्भ पुस्तकों, शब्दावलियों, इयरबुक, सांख्यिकीय सारलेख, भारत में बच्चों के एटलस आदि से भी संबंधित हैं।

पुस्तकालय में अंग्रेजी की 14 तथा हिन्दी की 10 पत्रिकाओं का अभिग्रहण लिया गया है; पूरक आधार पर पत्रिकाएं जैसे कि समाज कल्याण, सोशल वेल्फेयर, भारतीय पुलिस पत्रिका, एपीएएन, इण्डियन जर्नल आफ क्रिमिनोलाजी, एक्टा क्रिमिनोलाजिया मेडिसिनिया जैपोनिका, नेशनल एण्ड द वर्ल्ड और मानकदूत भी पुस्तकालय में मंगाए जाते हैं।  संस्थान के स्टाफ सदस्यों के अलावा इस पुस्तकालय का प्रयोग इस संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और पाठ्यक्रमों में नामांकित विद्यार्थियों के साथ-साथ देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शोध विद्यार्थियों द्वारा किया जाता है।

मीडिया कार्यकलाप

संस्थान ने मादक द्रव्य दुरुपयोग निवारण के क्षेत्र में विभिन्न प्रचार और आईईसी सामग्रियों को विकसित किया है। मादक द्रव्य दुरुपयोग और वृद्ध वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की आवश्यकता के बारे में जन साधारण के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए समय-समय पर देश के विभिन्न भागों में प्रदर्शिनियों और स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जाता रहा है। इनमें से कुछेक प्रदर्शिनियों/मेलों का आयोजन संस्थान/मंत्रालय द्वारा किया जाता है जबकि अन्य का आयोजन अन्य मंत्रालयों/विभागों द्वारा किया जाता है। संस्थान प्रति वर्ष दिल्ली हाट में आयोजित शिल्पोत्सव तथा प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयेाजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में निवारक शिक्षा को बढ़ावा देने तथा नशीली दवाओ के मांग में कमी करने के क्षेत्र में चिंता के विषयों के बारे में अधिक जागरूकता पैदा करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेता है। संस्थान ऐसे कार्यक्रमों में शिक्षाप्रद और संवादमूलक स्टाल लगाता है जहां न केवल शिक्षाप्रद पैनल प्रदर्शित किए जाते हैं अपितु परामर्श बूथ, फिल्म शो और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं जिसके माध्यम से स्टाल में बड़ी संख्या में फैले हुए दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया जाता है।

प्रदर्शनियां और कार्यक्रम

संस्थान ने निम्नलिखित प्रदर्शिनियों और कार्यक्रमों में भागीदारी की है-

  • आईआईटीएफ, प्रगति मैदान
  • शिल्पोत्सव, दिल्ली हाट
  • राष्ट्रीय युवा महोत्सव
  • 'पैन्टोमाइम शो'
  • मादक द्रव्य दुरूपयोग और गैर कानूनी कारोबार विरोधी अंतर्राष्ट्रीय दिवस तथा अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस मनाना।